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🌺 लक्ष्मी सहस्त्रार्चन करवाने के लाभ:
1. धन-वैभव में वृद्धि:
मां लक्ष्मी धन, ऐश्वर्य और समृद्धि की देवी हैं। सहस्त्र नामों के साथ पूजा करने से घर में स्थायी लक्ष्मी का वास होता है।
2. ऋण मुक्ति व कर्ज से छुटकारा:
सहस्त्रार्चन से धन की रुकावटें दूर होती हैं और व्यक्ति धीरे-धीरे आर्थिक रूप से स्वतंत्र होता है।
3. व्यवसाय और नौकरी में सफलता:
व्यापार में तरक्की, नई योजनाओं में लाभ और नौकरी में प्रमोशन का योग बनता है।
4. कुटुंब और परिवार में सुख-शांति:
मां लक्ष्मी केवल धन ही नहीं देती, बल्कि सौभाग्य, संतति और गृह सुख भी प्रदान करती हैं।
5. नकारात्मक ऊर्जा का नाश:
सहस्त्र नाम जप और पूजन से घर का वातावरण पवित्र होता है और वास्तु दोष, नजर दोष, तांत्रिक बाधा आदि दूर होती है।
6. पितृदोष, ग्रहदोष और दरिद्रता दोष का निवारण:
जिनकी कुंडली में राहु, केतु या शनि संबंधी दोष होते हैं, उन पर सहस्त्रार्चन अत्यंत प्रभावशाली होता है।
🌿 पुराने समय में लोग क्यों करवाते थे?
1. गृह लक्ष्मी के स्थायित्व के लिए:
पुराने जमाने में स्त्रियों को "गृह लक्ष्मी" कहा जाता था। उनका स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि बनी रहे, इसके लिए सहस्त्रार्चन कराया जाता था।
2. संतान और वंशवृद्धि हेतु:
पुत्र-प्राप्ति, संतान सुख और संतति की रक्षा के लिए लोग इस पूजन को करवाते थे।
3. फसल, व्यापार और समृद्धि के लिए:
किसान, व्यापारी और राजा लोग इसे करवाकर वर्ष भर की समृद्धि सुनिश्चित करते थे।
4. व्रतों और पर्वों का शुभारंभ:
विशेष रूप से दीपावली, अक्षय तृतीया, शरद पूर्णिमा और गुरुवार को इसे करवाया जाता था।
5. राजा-महाराजा और धनिक लोग:
अपने राज्य की उन्नति, प्रजा की समृद्धि और कोष की वृद्धि के लिए इसे नियमित करवाते थे।
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